Tuesday, May 31, 2011

FSI Blog: जा क्यों नहीं रहा है ?

FSI Blog
The best Indian sex blog

जा क्यों नहीं रहा है ?
31 May 2011, 7:10 am

प्रेषक : राजेश वर्मा

बात उन दिनों की है जब मैं अपनी पढ़ाई पूरी करके जॉब की तलाश में दिल्ली की तरफ निकला। मेरे एक चचेरे भाई गाजियाबाद में रहते हैं, जिनके पास मुझे कुछ दिनों तक रहना था। वो बहुत ही शरीफ à¤"र ईमानदार आदमी हैं। उनकी पत्नी उतनी ही तेज़ à¤"र सेक्सी है।

एक दिन जब भैया अपने काम के सिलसिले में बाहर गए थे, तब घर पर केवल मैं à¤"र भाभी ही बचे थे। भाभी एक तो हैं ही बला क़ी खूबसूरत ! उस दिन काली साड़ी में à¤"र भी मस्त लग रही थी, उनके मस्त गोरे स्तन ब्लाउज़ से बाहर कूदने को तैयार थे।

मैं कामुक प्रवृति का आदमी हूँ पर शुरू में खुल नहीं पाता, इसलिए भाभी को चोर निगाहों से ही देखता था। मैंने मज़ाक में गाना शुरू किया- काले लिबास में बदन गोरा यूँ लगे ईमान से, जैसे हीरा निकल रहा हो कोयले की खान से !

बस इतना सुनना था कि भाभी फट से मेरे पास आ गई à¤"र मुझसे चिपक गई, बोली- राजेश, मैंने जब से तुम्हें देखा है, तबसे बस तुम्हारे ही बारे में सोचती हूँ, हर समय बस तुम्हारा ही ख्याल दिल में रहता है, जब से तुम यहाँ आये हो तब से मैं सोच रही हूँ कि कब हम अकेले मिलेंगे ! आज मौका मिला है इसे खो मत !

यह सब सुनकर मैं तो बस पागल ही हो गया था, मैं कब से ख्यालों में उसको चोद रहा था, कब से उसके बारे में सोचकर मुठ मार रहा था, विश्वास नहीं हो रहा था कि आज वो चूत सचमुच मेरे लंड को नसीब होगी।

आखिर सारा दिन इंतज़ार करने के बाद रात आ ही गई। भाभी तैयार थी पर मेरा किसी की चुदाई करने का यह पहला अनुभव था इसलिए डर लग रहा था। मुझे किसी ने बताया था कि चूत मारने से पहले मुठ मार लो तो देर से झड़ता है, इसलिए मैंने सोने से पहले मुठ मार ली थी à¤"र अब चूत मारने के लिए तैयार था।

भाभी पुरानी खिलाडी थी, वो समझ गई थी कि मैं मुठ मारकर आया हूँ। जाने से पहले उसने मेरा खड़ा लंड देख लिया था। रात को सारे कामों से निबट कर हम लोग बिस्तर पर आये।

मैंने भाभी को बोला- मेरा पहला अनुभव है, मुझे नहीं पता कि कैसे करते हैं।

वो बोली- तुम बस वो करो जो मैं कहती हूँ !

गर्मी की रात थी, हम लोग छत पर थे, चांदनी रात में भाभी गुलाबी नाइटी में à¤"र भी खूबसूरत लग रही थी, वो मुझसे प्यार की बातें कर रही थी à¤"र मैं सोच रहा था कि कब इसको चोदूंगा। खैर मेरा समय भी आया à¤"र भाभी ने कहा- राज, आज मैं तुम्हारी हूँ, मेरे साथ जो करना चाहते हो कर लो।

मैंने कहा- आज आप करो, मैं कल करूँगा !

फिर क्या था, भाभी खुश à¤"र मुझे तो खुश होना ही था।

भाभी मेरे बिलकुल करीब आकर लेट गई, मेरा लंड उनके पेट को छू रहा था फिर उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी à¤"र मुझे चूमने लगी। मेरा तो बुरा हल था à¤"र मेरे लंड का तो पूछो मत, वो मुझे चूमे जा रही थी à¤"र मेरा लंड बढ़ता जा रहा था। उसने लोअर के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया à¤"र बोली- बताà¤" कैसे चोदोगे मुझे?

मैंने कहा- कपड़े उतारो !

उसने कहा- जो करना है, तुम करो सब मुझसे ही करवाà¤"गे क्या ?

पूरी कहानी यहाँ है !

You are receiving this email because you subscribed to this feed at blogtrottr.com.

If you no longer wish to receive these emails, you can unsubscribe from this feed.

0 comments:

 
Design by Wordpress Theme | Bloggerized by Free Blogger Templates | coupon codes