| FSI Blog The best Indian sex blog
जा क्यों नहीं रहा है ? 31 May 2011, 7:10 am
पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤• : राजेश वरà¥à¤®à¤¾ बात उन दिनों की है जब मैं अपनी पà¥à¤¾à¤ˆ पूरी करके जॉब की तलाश में दिलà¥à¤²à¥€ की तरफ निकला। मेरे à¤à¤• चचेरे à¤à¤¾à¤ˆ गाजियाबाद में रहते हैं, जिनके पास मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤› दिनों तक रहना था। वो बहà¥à¤¤ ही शरीफ à¤"र ईमानदार आदमी हैं। उनकी पतà¥à¤¨à¥€ उतनी ही तेज़ à¤"र सेकà¥à¤¸à¥€ है। à¤à¤• दिन जब à¤à¥ˆà¤¯à¤¾ अपने काम के सिलसिले में बाहर गठथे, तब घर पर केवल मैं à¤"र à¤à¤¾à¤à¥€ ही बचे थे। à¤à¤¾à¤à¥€ à¤à¤• तो हैं ही बला क़ी खूबसूरत ! उस दिन काली साड़ी में à¤"र à¤à¥€ मसà¥à¤¤ लग रही थी, उनके मसà¥à¤¤ गोरे सà¥à¤¤à¤¨ बà¥à¤²à¤¾à¤‰à¥› से बाहर कूदने को तैयार थे। मैं कामà¥à¤• पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¤¿ का आदमी हूठपर शà¥à¤°à¥‚ में खà¥à¤² नहीं पाता, इसलिठà¤à¤¾à¤à¥€ को चोर निगाहों से ही देखता था। मैंने मज़ाक में गाना शà¥à¤°à¥‚ किया- काले लिबास में बदन गोरा यूठलगे ईमान से, जैसे हीरा निकल रहा हो कोयले की खान से ! बस इतना सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ था कि à¤à¤¾à¤à¥€ फट से मेरे पास आ गई à¤"र मà¥à¤à¤¸à¥‡ चिपक गई, बोली- राजेश, मैंने जब से तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखा है, तबसे बस तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ ही बारे में सोचती हूà¤, हर समय बस तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ ही खà¥à¤¯à¤¾à¤² दिल में रहता है, जब से तà¥à¤® यहाठआये हो तब से मैं सोच रही हूठकि कब हम अकेले मिलेंगे ! आज मौका मिला है इसे खो मत ! यह सब सà¥à¤¨à¤•र मैं तो बस पागल ही हो गया था, मैं कब से खà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में उसको चोद रहा था, कब से उसके बारे में सोचकर मà¥à¤ मार रहा था, विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं हो रहा था कि आज वो चूत सचमà¥à¤š मेरे लंड को नसीब होगी। आखिर सारा दिन इंतज़ार करने के बाद रात आ ही गई। à¤à¤¾à¤à¥€ तैयार थी पर मेरा किसी की चà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ करने का यह पहला अनà¥à¤à¤µ था इसलिठडर लग रहा था। मà¥à¤à¥‡ किसी ने बताया था कि चूत मारने से पहले मà¥à¤ मार लो तो देर से à¤à¥œà¤¤à¤¾ है, इसलिठमैंने सोने से पहले मà¥à¤ मार ली थी à¤"र अब चूत मारने के लिठतैयार था। à¤à¤¾à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ खिलाडी थी, वो समठगई थी कि मैं मà¥à¤ मारकर आया हूà¤à¥¤ जाने से पहले उसने मेरा खड़ा लंड देख लिया था। रात को सारे कामों से निबट कर हम लोग बिसà¥à¤¤à¤° पर आये। मैंने à¤à¤¾à¤à¥€ को बोला- मेरा पहला अनà¥à¤à¤µ है, मà¥à¤à¥‡ नहीं पता कि कैसे करते हैं। वो बोली- तà¥à¤® बस वो करो जो मैं कहती हूठ! गरà¥à¤®à¥€ की रात थी, हम लोग छत पर थे, चांदनी रात में à¤à¤¾à¤à¥€ गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ नाइटी में à¤"र à¤à¥€ खूबसूरत लग रही थी, वो मà¥à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤° की बातें कर रही थी à¤"र मैं सोच रहा था कि कब इसको चोदूंगा। खैर मेरा समय à¤à¥€ आया à¤"र à¤à¤¾à¤à¥€ ने कहा- राज, आज मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ हूà¤, मेरे साथ जो करना चाहते हो कर लो। मैंने कहा- आज आप करो, मैं कल करूà¤à¤—ा ! फिर कà¥à¤¯à¤¾ था, à¤à¤¾à¤à¥€ खà¥à¤¶ à¤"र मà¥à¤à¥‡ तो खà¥à¤¶ होना ही था। à¤à¤¾à¤à¥€ मेरे बिलकà¥à¤² करीब आकर लेट गई, मेरा लंड उनके पेट को छू रहा था फिर उसने मेरी टी-शरà¥à¤Ÿ उतार दी à¤"र मà¥à¤à¥‡ चूमने लगी। मेरा तो बà¥à¤°à¤¾ हल था à¤"र मेरे लंड का तो पूछो मत, वो मà¥à¤à¥‡ चूमे जा रही थी à¤"र मेरा लंड बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा था। उसने लोअर के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया à¤"र बोली- बताà¤" कैसे चोदोगे मà¥à¤à¥‡? मैंने कहा- कपड़े उतारो ! उसने कहा- जो करना है, तà¥à¤® करो सब मà¥à¤à¤¸à¥‡ ही करवाà¤"गे कà¥à¤¯à¤¾ ? … पूरी कहानी यहाठहै ! |
0 comments:
Post a Comment