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रात को क्या करेगा 10 Jun 2011, 7:10 am
प्रेषक : डॉन डी डी मैं 31 साल का हूँ और मैं उस तब 19 साल का था, शरीर से लम्बा तगड़ा था। मुझे एक टीचर मधु पढ़ाती थी। उसकी उमर 30-31 साल थी पर उसको बच्चा नहीं था। उसका पति सरकारी नौकरी में था और वो अकसर टूर पर रहता था। मधु किराये पर रहती थी और उसको एक नये मकान की जरुरत थी। हमारे पड़ोस में एक मकान नया बना था जो काफ़ी खुला और हवादार था। जब मधु ने पूछा तो मैने उस मकान का बता दिया। उसी दिन मधु मेरे साथ घर आई और वो मकान देखने मेरी मां के साथ चली गई। मधु को मकान काफ़ी पसंद आया और किराया भी काफ़ी जायज था, सो मधु ने मकान मालिक को अगले महीने की पहली तारीख को आने के लिये कहा और एडवांस किराया दे दिया। अगस्त महीने की एक तारीख को मधु अपने सामान के साथ उस मकान में शिफ़्ट कर गई। यहाँ से असली बात शुरु होती है। मधु ने हमारे पड़ोस में आने के बाद मेरी मां से दोस्ती कर ली और मुझे एक्स्ट्रा पढ़ाई करवाने की बात कर ली बिना कोई ट्यूशन फीस के। बस मेरी मां को क्या चाहिये था। मधु ने मुझे घर पर बुलाना शुरु कर दिया और अकेले में पढ़ाने लगी। पहले ही दिन जब मैं उसके घर गया तो देखा कि उसने ढीला कमीज और लंहगा पहन रखा था। उसने ब्रा नहीं पहनी थी और कमीज का गला भी खुला था। मधु ने मुझे पढ़ाना शुरु किया और बीच बीच में वो अपनी चूचियाँ अपने हाथ से दबा देती। उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ जैसे बाहर कमीज से आने को हो जाती। मैं उसकी इस हरकत को देख के मस्ती में भर रहा था और मेरा मन कर रहा था कि मैं ही उसकी चूचियाँ दबा दूं पर हिम्मत नहीं हो रही थी। मेरा कुंवारा लंड तन कर सख्त हो गया था और मेरी पैंट को फ़ाड़ के बाहर निकलने को तैयार था। पर मैं मधु को कुछ कह नहीं पा रहा था। कोई दो घंटे पढ़ाने के बाद मधु ने मुझे कहा- कमल तुम अब घर जाओ और अपने मम्मी से पूछ कर आना यहाँ सोने के लिये। मैंने कहा- अच्छा मैडम। जब मैं चलने लगा तो मधु ने कहा- कमल तुम रहने दो, रुको यहीं पर। मैं ही पूछ आती हूं। कह कर मधु ने अपना कमीज मेरे सामने ही खोल दिया और बड़बड़ाने लगी- इतना करने के बाद भी कुछ नहीं किया, पता नहीं रात को क्या करेगा ! फ़िर मधु ने अपनी ब्रा पहनी और मुझे हुक लगाने को कहा। आहह्हह्हह् आईईइ – हुक लगाते हुए मेरे मुँह से निकल ही गया। कमल अगर तुम मेरी मानोगे तो इससे भी ज्यादा मजा आयेगा। तुम बस यहीं मेरा इन्तजार करो और किताब खोल के बैठ जाओ। मधु ने साड़ी पहनी और मेरे घर चली गई। कोई 30 मिनट के बाद वो वापस आई और मेरा पजामा और कमीज साथ ले आई। कमल तेरी मां तो सिर्फ़ पजामा दे रही थी, बोली कि कमल रात को पजामा और बनियान में सोता है, पर मैं ही शर्ट भी ले आई, उनको शक नहीं होगा कि मैंने क्या किया है। फ़िर मधु ने अपनी साड़ी उतार दी और सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ में हो गई। मेरा लंड काफ़ी तन गया और मैने मधु को हिम्मत करके कह ही दिया- मैडम एक बात कहूं- आप जब मेरे सामने कपड़े बदलती हो तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं ही आपका आदमी हूँ। उसने कहा- कमल तो फ़िर तुम मेरे को औरत की तरह इस्तेमाल करो ! फ़िर मैंने हिम्मत कर ही ली और मधु की चूचियाँ पीछे से पकड़ ली और मेरा सात इंच का लंड उसकी कमर पर लग रहा था। मैंने उसकी गर्दन पर चूम लिया, मधु सिसकी- ऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़फ़ूऊऊऊऊ आआआहह्हह्हाआआअ कमल प्लीज जोर से ! मैंने उसकी चूचियाँ जोर से दबाई और उसने अपनी कमर का पूरा दबाव मेरे लंड पर डाल दिया। मैने मधु के ब्लाउज़ को ऊपर सरका कर उसकी नंगी चूचियों को दबाया और एक हाथ उसकी सफ़ाचट चूत पर ले गया। चूत गीली थी। मेरा लंड काफ़ी जोर मार रहा था। मधु ने मेरे से अलग होकर मेरा लंड पैंट से बाहर निकाल लिया- ओईईईइ माआआअ ये तो गधे का लौड़ा है, मेरी चूत का तो बुरा हाल कर देगा। बस फ़िर उसने आनन फ़ानन में मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया क्योंकि अब तक मैंने न ही मुठ मारी थी और न ही कभी किसी को चोदा था सो मेरा लंड उस के मुँह में ही झड़ गया, एक जोर की पिचकारी उसके मुँह में गई। मैं सिसक रहा था, वो भी पानी पी कर खिलखिला के हंसने लगी और अपना वीर्य से भरा मुँह मेरे होंठों पर… पूरी कहानी यहाँ है ! |
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