Wednesday, June 8, 2011

FSI Blog: सहेली को पति से चुदवाया

FSI Blog
The best Indian sex blog

सहेली को पति से चुदवाया
8 Jun 2011, 7:10 am

प्रेषिका : सोनिया सोनू

आज जो बताने जा रही हूँ वो जान कर आपका मन भी सेक्स के लिये तड़प जायेगा।

आप सब को पता है कि मेरी शादी हो चुकी है। मेरे पति (अमित) मुझे बहुत प्यार करते है। फिर भी कभी कभी मन मचल जाता है कुछ नया करने के लिये। इस बार मन था अपने पति को कुछ नया दिखाने का। पर समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाये।

अमित के आफ़िस चले जाने के बाद कुछ न कुछ सोचती रहती। अचानक एक विचार मन में आया कि क्यों न पतिदेव को कुछ सरप्राईज दिया जाए। बस मन इसी दिशा में काम करने लगा। वो कहते हैं ना कि जहाँ चाह वहाँ राह। जल्दी ही मेरी मुलाकात एक नेट फ़्रेंड कनिका से हो गई जो मेरी तरह खुले विचारों की थी। हम मेल के द्वारा एक दूसरे से बात करने लगे, सेक्स को लेकर बातें होती। मैं अपने सेक्स के बारे में उसे बताती। मैंने महसूस किया वो शायद सेक्स के बारे में बात करते करते उत्तेजित हो जाती थी।

जैसे वो अकसर सेक्स के बारे में बात करते वक्त गरमी महसूस करती। मुझे लगा बात बन जायेगी।

एक दिन बातों बातों में पूछ लिया कि वो किस तरह का सेक्स पसंद करती है।

वो बोली- ऐसा सेक्स जिसमें सब कुछ भूल जाएं।

मैंने पूछा कि क्या वो मुझ से ट्रेंनिग लेना पसंद करेगी?

तो वो खुश हो कर बोली- क्यों नहीं।

मेरी योजना का पहला चरण पूरा हो चुका था।

हम योजना बनाने लगे कि कब मिलेंगे और क्या क्या करेंगे।

आखिर वो दिन आ गया। अमित कहीं काम से बाहर जाने वाले थे और देर रात तक वापिसी थी। मैंने कनिका को बताया कि मैं दो दिन अकेली हूँ।

कनिका शाम तक घर आ गई। उसके आते ही मैंने उसे गले लगा लिया और उसके गालों पर एक चुंबन जड़ दिया। मैंने देखा कनिका के गाल लाल हो गये थे पर वो शर्म के मारे कुछ ना बोली।

हम बैड पर बैठ कर बातें करने लगे। मैंने बात करते करते उसका हाथ पकड़ लिया। वो अचानक चुप हो गई और मेरी आखों में देखने लगी। मैंने देर न करते हुए उसके होठों को चूम लिया। उसने अपनी आंखें बंद कर ली और अपने होंठों को खोल दिया।

मैंने अपनी जुबान उसके मुँह में डाल दी और अंदर बाहर करने लगी।

वो मेरा पूरा साथ देने लगी। मेरी जुबान को जोर जोर से चूस कर सारा रस अंदर लेने लगी। हमारी सांसें एक दूसरे में समा रही थी। मैंने उसे चूमते हुए बैड पर लिटा दिया। उसके ऊपर आकर उसका चेहरा पकड़ कर उसके दोनों होंठों को मुँह में ले कर अच्छी तरह चूसा।

मेरे पूरे बदन में गुदगुदी सी होने लगी। अगले दो मिनट में हम दोनों के जिस्म नंगे थे। मैं उसके ऊपर आ गई और हमारे नंगे जिस्म एक दूसरे के साथ रगड़ खाने लगे। मैं फ़िर बेतहाशा उसके गुलाबी होंठों का मजा लेने लगी। मेरी योनि में से रस निकल कर उसकी योनि में समा रहा था। मेरे दोनों हाथ उसके मम्मों को तकरीबन कुचल रहे थे। फ़िर धीरे से मैंने अपना हाथ नीचे लिया और उसकी चूत पर रख दिया। उसकी चूत की पखुड़ियाँ हम दोनों के रस से भीग चुकी थी।

मैंने अपनी एक ऊंगली झटके से अंदर डाल दी। उसके मुँह से एक जबरदस्त आह निकली और उसने मेरे होठों को अपने मुँह में ले लिया। मैं अपनी ऊंगली से उसे चोदने लगी। उसने अपनी टांगें फ़ैला दी। पूरा रास्ता मिलने पर मैंने दो उंगलियाँ घुसा दीं। पांच मिनट तक चोदने के बाद मैंने वो भीगी हुई उंगलियाँ उसके मुँह में दे दी। वो अपना रस ऐसे चाट रही थी जैसे कब की प्यासी हो।

अब तक मेरी हालत खराब हो चुकी थी। मैंने अपना दायां मम्मा उसके मुँह में दे दिया। जैसे जैसे वो चूस रही थी मेरी चूत की खुजली बढ़ती जा रही थी। मैंने उसकी टांगें खोल कर अपनी चूत को उसकी चूत के साथ रगड़ना शुरु कर दिया। उसकी आँख़ें बंद थी होंठ खुले। मेरे होंठ उसके होंठों के बिल्कुल ऊपर। अचानक मेरे खुले होंठों से रस उसके मुँह में लार की तरह गिरने लगा। उसने अपना मुँह पूरा खोल लिया और सारा रस पीने लगी। मैं एकदम से उठी और अपनी चूत उसके मुँह से टिका दी।

उसने मेरी चूत को चाटते हुए अपनी गर्म जुबान अंदर घुसा दी। मेरी चूत में जैसे आग लग गई। मैं आगे पीछे हो कर उसके मुँह पर अपनी चूत रगड़ने लगी। मेरे सिसकारियों से वो और जोश में आ गई और अपनी एक उंगली मेरे पीछे …

पूरी कहानी यहाँ है !

You are receiving this email because you subscribed to this feed at blogtrottr.com.

If you no longer wish to receive these emails, you can unsubscribe from this feed.

0 comments:

 
Design by Wordpress Theme | Bloggerized by Free Blogger Templates | coupon codes